रखते हैं आसमान एक अपने दिल में हम
सूरज की तरह जलते हैं, रखते हैं आँख नम

है इश्क़ ज़िन्दगी से, कटती है खुशी-खुशी
सब लम्हें चुन के रखते हैं, हो कोई भी मौसम

आवारा हवाओं की तरह फिरते हैं तन्हा
दुनिया से बाँट लेते हैं अपनी खुशी और ग़म

इतना ही है मालूम हमें इश्क़ में ऐ दोस्त
जानें निसार करते हैं, करते नहीं सितम

कर सादगी से याद हमें, दौड़ पड़ेंगे
हम समझते नहीं हैं बड़ी बातों की उलझन

― प्रकाश